Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full !!exclusive!! Jun 2026

नीचे इस पावन आराधना की पूर्ण विधि, सभी 5 चैत्यवंदन पाठ हिंदी अर्थ सहित और उनके आध्यात्मिक लाभ दिए गए हैं।

यात्रा के दौरान 16वें तीर्थंकर श्री शांतिनाथ भगवान के चरणों में यह भक्ति अर्पित की जाती है.

रायण वृक्ष के नीचे प्रथम तीर्थंकर आदिनाथ प्रभु के प्राचीन चरण (पगला) स्थित हैं। महत्व:

का मंदिर मुख्य आकर्षण है। यह पूरे परिसर का सबसे पवित्र मंदिर है, जो पहले तीर्थंकर ऋषभदेव (आदिनाथ) को समर्पित है। माना जाता है कि शत्रुंजय पहाड़ियों पर आदिनाथ के अलावा 100 मिलियन अन्य मुनिराजों ने भी मोक्ष प्राप्त किया था। palitana 5 chaityavandan in hindi full

शत्रुंजय गिरिराज पर कदम-कदम पर अनंत सिद्ध आत्माओं ने मोक्ष प्राप्त किया है। यहाँ विधिपूर्वक 5 चैत्यवंदन करने से जीव को निम्नलिखित लाभ मिलते हैं:

पुंडरीक स्वामी ने इसी पर्वत से मोक्ष प्राप्त किया था। विधि:

अनंत सिद्धनो ए ठाव, सकल तीर्थनो राय; पूर्व नव्वाणु ऋषभदेव, ज्यां थापिया प्रभु पाय। सकल तीर्थनो राय

चौथा चैत्यवंदन पालीताणा के एक अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर किया जाता है। इस चैत्यवंदन की विशेषता है कि इसमें सभी , संपूर्ण ज्ञान और देव-देवियों की सुरक्षा के लिए विशेष प्रार्थनाएँ की जाती हैं।

यह मन को शांत कर आगे की चढ़ाई के लिए शक्ति प्रदान करता है।

मुख्य टूंक के भीतर आदिनाथ प्रभु के प्राचीन चरण पादुका स्थल 'रायन पगला' पर तीसरा चैत्यवंदन होता है Tattva Gyan Jainsite । यह रायन वृक्ष के नीचे स्थित है और आध्यात्मिक रूप से अत्यंत शक्तिशाली स्थान है। संपूर्ण पाठ: पूर्व नव्वाणु ऋषभदेव

मुनि ने कहा- "बेटा, पाँच चैत्यवंदन ही आसान उपाय है। हर 100 सीढ़ी पर एक वंदन सोचो। पहली में अहंकार छोड़ो, दूसरी में कृतज्ञ बनो, तीसरी में सबको समान देखो, चौथी में दूसरों के लिए प्रार्थना करो, और पाँचवीं में अपने को भगवान में विलीन कर दो।"

: Highlights the path to liberation shown by the first Ganadhara.

5. पंचम चैत्यवंदन: मुख्य मंदिर - भगवान आदिनाथ (Adinath Bhagwan)